[Hindi] ध्यान संभवतः एक अधिक शांतिपूर्ण दुनिया की ओर लेजासकता है Podcast By  cover art

[Hindi] ध्यान संभवतः एक अधिक शांतिपूर्ण दुनिया की ओर लेजासकता है

[Hindi] ध्यान संभवतः एक अधिक शांतिपूर्ण दुनिया की ओर लेजासकता है

Listen for free

View show details
[Quick links] [Pause] अपने एक संवाद में, Sam Harris बताते हैं कि जब उनकी मुलाकात भारतीय गुरु Poonjaji से हुई, तो उन्हें एक बहुत ही रोचक अनुभव हुआ। वे कहते हैं कि यह अनुभव उन कई ध्यान शिविरों से भी कहीं गहरा था, जिनमें उन्होंने महीनों तक भाग लिया था।वैसे, Sam Harris एक अमेरिकी न्यूरोसाइंटिस्ट हैं जो बाद में ध्यान शिक्षक बन गए। उन्होंने भारत में कई वर्षों तक ध्यान का अध्ययन किया। वे एक अत्यंत तर्कशील व्यक्ति हैं, और उनकी मुख्य रुचि यह समझने में थी कि ध्यान कैसे MDMA जैसी नशीलीदवाओं से मिलनेवाले अनुभवों जैसा प्रभाव पैदा करसकता है।Poonjaji की शिक्षाओं ने Sam को ज्यादा प्रभावित नहीं किया। लेकिन एक और बात ने उन्हें उलझन में डाल दिया। केवल Poonjaji की उपस्थिति, वह भी थोड़े समय केलिए, उन्हें इतनी गहरी अनुभूतितक कैसे ले गई? Poonjaji अपने कम बोलने केलिए जाने जातेथे, मानो वे कुछ सिखाने से लगभग इंकार ही करते हों। तो फिर इतनी गहरी अनुभूति कैसे हुई,—बिना किसी शारीरिक या मौखिक माध्यम के?यही बात Sam को परेशान कररही थी। उनके तर्कसंगत मन के पास इसका कोई उत्तर नहीं था।क्या मन बिना किसी सीधे माध्यम के संवाद करसकता है? और क्या ऐसा संवाद इतना गहरा, इतना परिवर्तित करने वाला, और फिर भी इतना स्पष्ट हो सकता है?Sam केलिए यह एक ऐसा रहस्य बना रहा जिसे वे अपने पूरे न्यूरोसाइंस ज्ञान के बावजूद कभी सुलझा नहीं पाए।लेकिन हाँ, ऐसा लगता है कि कुछ अवस्थाओं में मन में ऐसी क्षमताएँ होती हैं। यह बिना शब्दों के भी संवाद करसकता है—सिर्फ मनुष्यों के साथ ही नहीं, बल्कि जानवरों और अन्य जीवों के साथ भी।मैंने कुत्तों को, और यहाँ तक कि ज़हरीले साँपों को भी, एक विशेष मानसिक अवस्था में पास जाने पर पूरी तरह शांत होते देखा है।अगर यह सच है, तो क्या केवल मानसिक शक्ति से किसी आक्रामक व्यक्ति को पूरी तरह बदलना संभव है? ऐसा होसके तो सभी संघर्ष और युद्ध समाप्त हो जाएँ।1970 और 80 के दशक में, प्रसिद्ध भारतीय गुरु Mahesh Yogi-ने ऐसा ही दावा किया था। उन्होंने कहा कि वे ध्यान करने वालों के एक समूह को युद्धक्षेत्र में भेजकर, भीषण युद्धों को रोक सकते हैं। वे लोग चुपचाप ध्यान करेंगे—और विरोधी अपनी आक्रामकता छोड़देगा।काश यह सच होता। इससे बहुत सी जानें और पीड़ा बच सकती थी।लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है? क्या कोई मन,—चाहे वह ...
No reviews yet