• त्वचा पर लाल धब्बे क्यों दिखते हैं? | चेहरे पर लाल धब्बे
    Apr 22 2026

    त्वचा पर लाल धब्बे क्यों दिखते हैं? | चेहरे पर लाल धब्बे

    #skin #face #allergy #health #treatment

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  • pet dard pancreatitis | pancreas mein sujan ka ilaj | pancreatitis ke lakshan Hindi mein
    Apr 21 2026

    1) पैंक्रियास की सूजन का इलाज?
    - पैंक्रियास (अग्नाशय) मानव शरीर का एक ज़रूरी अंग है, जो पेट के पीछे स्थित होता है। इसका काम पाचन एंजाइम और हार्मोन बनाना है।
    - जब इस अंग में सूजन आ जाती है, तो इस स्थिति को पैंक्रियाटाइटिस कहते हैं। - यह स्थिति अचानक (एक्यूट) हो सकती है या लंबे समय तक (क्रोनिक) बनी रह सकती है।
    2) पैंक्रियास की सूजन के कारण?
    - बहुत ज़्यादा शराब पीना - पित्त की पथरी (Gallstones)
    - ट्राइग्लिसराइड का स्तर ज़्यादा होना - कुछ दवाओं के साइड इफ़ेक्ट
    - इन्फेक्शन या आनुवंशिक कारण
    3) पैंक्रियास की सूजन के लक्षण क्या हैं?
    - दर्द भी पीठ तक फ़ैल सकते है.
    - जी मिचलाना और उल्टी होना
    - बुखार; पेट फूलना
    4) पैंक्रियास की सूजन का इलाज?
    # 1. अस्पताल में भर्ती होना
    - अगर सूजन गंभीर है, तो मरीज़ को अस्पताल में भर्ती करने की ज़रूरत होती है।
    - नस के ज़रिए (IV) तरल पदार्थ दिए जाते हैं।
    - मरीज़ को कुछ समय के लिए बिना खाना दिए रखा जाता है ताकि पैंक्रियास को आराम मिल सके और वह ठीक हो सके। # 2. दवाएँ
    - डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं में ये शामिल हो सकती हैं:
    - दर्द कम करने के लिए पेनकिलर
    - पाचन एंजाइम सप्लीमेंट
    5) घरेलू और प्राकृतिक उपाय?
    # 1. हल्का और संतुलित आहार
    - कम वसा वाला खाना खाएँ
    - उबली हुई सब्ज़ियाँ, फल और दलिया खाएँ
    - बहुत ज़्यादा तले हुए, चिकनाई वाले और मसालेदार खाने से बचें
    # 2. खूब पानी पिएँ
    # 3. शराब और धूम्रपान से दूर रहें
    # 4. नारियल पानी पीने से भी पाचन बेहतर हो सकता है
    6) किन चीज़ों से बचना चाहिए?
    - बहुत ज़्यादा तेल या घी का सेवन न करें
    - जंक फ़ूड से बचें
    - डॉक्टर से सलाह लिए बिना कोई भी दवा न लें

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  • Kidney stone symptoms in hindi | kidney kharab hone ke lakshan | kidney stones
    Apr 20 2026

    १) किडनी स्टोन का इलाज?
    - गुर्दे की पथरी बेहद दर्दनाक समस्या है। यह तब होता है, जब मूत्र में रहे हुए खनिज और लवण क्रिस्टल के रूप में जमा हो कर के कठोर पथरी का रूप ले लेते हैं।
    - पथरी किडनी में मूत्र मार्ग के कोई भी भाग में बन सकती है। यदि समय पर सही इलाज नहीं किया गया तो यह बेहद गंभीर समस्या हो सकती है.
    २) किडनी स्टोन होने के क्या कारण हो सकते है?
    किडनी में स्टोन बनने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे: की,
    - कम पानी को पीने से।
    - ज्यादा नमक या तो, प्रोटीन वाला भोजन
    - आनुवंशिक के कारण से - कुछ दवा का ज्यादा सेवन करने से
    - मूत्र में संक्रमण
    ३) किडनी स्टोन होने पर क्या लक्षण दिखाई देते है?
    - किडनी स्टोन के लक्षण निचे बताये हैं,
    - पीठ के निचले भाग में तेज दर्द का होना - पेशाब करते समय जलन का होना। - बार-बार पेशाब करने जाने की इच्छा
    ४) किडनी स्टोन का सही इलाज क्या है?
    # 1. तरल पदार्थ का सेवन करना
    - यदि छोटी पथरी है,तो उसका इलाज है ज्यादा से ज्यादा पानी को पीना। - दिन में कम से कम ५-७ गिलास जितना पानी को पीने से पथरी मूत्र के माध्यम से बाहर निकल सकती है।
    # 2. दवा से इलाज
    डॉ. दर्द को कम करने तथा पथरी को बाहर निकालने के लिए दवा को देते हैं, जैसे की,
    - पेन किलर जो के दर्द को कण्ट्रोल करने के लिए।
    - यदि संक्रमण हो तो, एंटीबायोटिक्स
    ५) किडनी स्टोन के लिए घरेलू उपाय?
    - घरेलू उपाय से भी किडनी स्टोन को कम करने में मदद करते है,
    - नींबू पानी के सेवन करने से पथरी बनने से रोकता है. - तुलसी का रस किडनी को अच्छा बनाये रखने में मदद करता है. -सेब का सिरका पथरी को घुलाने में मदद कर सकता है
    घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉ. की सलाह को जरूर लें.
    ६) बचाव के लिए उपाय?
    - डेली उचित पानी को पीना। - नियमित कसरत करना। - समय समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाना।

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  • chronic calcific pancreatitis treatment in hindi | क्रोनिक कैल्सीफिक अग्नाशयशोथ क्या है? #pancreas
    Apr 18 2026

    १)क्या है क्रोनिक कैल्सीफिक अग्नाशयशोथ बीमारी?
    - Chronic Calcific Pancreatitis ऐसी अवस्था है, जिस में अग्न्याशय के नलि में कैल्सियम का कण जमा होने लग जाते हैं। इस से नलि में अवरुद्ध होती हैं, जिस से पाचन एंजाइमों का प्रवाह को असर होता है।
    - परिणाम स्वरूप, अग्न्याशय के कोशिकाएं को हानि होने लगती हैं. उसकी कार्य करने की क्षमता घट जाती है।

    २) क्रोनिक कैल्सीफिक अग्नाशयशोथ होने के क्या कारण होते है?
    - इस बीमारी के कई कारण हो सकते हैं, जैसे की,
    1. बहुत ही शराब का सेवन
    यह प्रमुख कारणों है। लंबे समय तक शराब को पीने से पैंक्रियास में सूजन , बाद में कैल्सिफिकेशन हो जाता है।
    2. अनुवांशिक कारण यदि परिवार में पहले से यह समस्या हो।
    3. पोषण की कमी प्रोटीन तथा एंटीऑक्सीडेंट के कमी से भी रोग को बढ़ा सकती है।
    4. धूम्रपान करने से अग्न्याशय को नुकसान होता है.

    ३) क्रोनिक कैल्सीफिक अग्नाशयशोथ होने के क्या लक्षण हो सकते है?
    - इस रोग के लक्षण धीरे धीरे से होते हैं.
    - पेट के ऊपरी भाग बार-बार कर के तेज दर्द का होना।
    - दर्द तो, पीठ तक भी फैल सकता है. - भोजन करने के बाद भी दर्द बढ़ सकता है. - वजन भी कम हो जाना
    ४) रोग का प्रभाव?
    - क्रोनिक कैल्सीफिक का बड़ा प्रभाव पाचन पर पड़ता है। - अगर अग्न्याशय सही से एंजाइम नहीं बना पाता है, जिस से भोजन का पाचन भी ठीक से नहीं हो पाता।
    #निदान#
    - डॉ. रोग को जांनने के लिए कुछ जांचें कर सकते है, जैसे की,
    - CT स्कैन:: कैल्सिफिकेशन तथा संरचनात्मक को देखने के लिए.
    - अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) :: शुरुआती जांच के लिए.
    - MRI या तो, MRCP :: नलि की स्थिति को जानने के लिए.
    - रक्त का जाँच :: एंजाइम का लेवल तथा शुगर के जांच के लिए।
    ५) उपचार?
    - इस बीमारी का पूरा इलाज सही नहीं है, पर इसके लक्षणों को कण्ट्रोल किया जा सकता है, जैसे की,
    1. दर्द का प्रबंधन
    - दवा के जरिये से दर्द को कम कर सकते है। 2. एंजाइम सप्लीमेंट - पाचन मदद के लिए एंजाइम के गोलि को दिया जाता है. 3. इंसुलिन थेरेपी यदि मधुमेह हो जाए तो।
    ६) संभावित जटिलताएं?
    - यदि इसका समय पर सही इलाज न किया जाए, तो कई जटिलता दे सकता है: - मधुमेह का होना - पाचन में समस्या
    - कुपोषण

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  • क्या PCOD होने पर भी प्रेग्नेंट हो सकते हैं? | Can I get pregnant even if I have PCOD?
    Apr 17 2026

    १) PCOD में प्रेग्नेंसी संभव है?
    - महिलाओं में PCOD आम समस्या है। यह हार्मोनल डिसऑर्डर है, जिस में अंडाशय में छोटे-छोटे से सिस्ट बन जाते हैं. तथा हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं।
    - इसका असर मासिक धर्म , ओव्यूलेशन तथा फर्टिलिटीपर पड़ता है। पर यह नहीं कि, PCOD होने पर महिला मां नहीं बन सकती है।

    २) PCOD क्या है?
    - PCOD में महिला के शरीर में पुरुष हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है। इस के कारण - पीरियड्स अनियमित होता है। - ओव्यूलेशन भी सही समय पर नहीं है। - चेहरे या तो, शरीर पर ज्यादा बाल भी आ सकते हैं.
    ३) PCOD में प्रेग्नेंसी संभव है?
    - हाँ, PCOD पर प्रेग्नेंसी संभव है। प्रेग्नेंसी संभावना इन बातों पर निर्भर है, जैसे की, - हार्मोनल का बैलेंस। - ओव्यूलेशन नियमितता - वजन तथा लाइफस्टाइल अगर ओव्यूलेशन हो रहा है, तो गर्भधारण के चांस रहते हैं।
    ४) PCOD में प्रेग्नेंसी में आने वाली क्या समस्याएँ होती है?
    - PCOD के कारण कुछ परेशानी हो सकती हैं, जैसे की, 1. अनियमित ओव्यूलेशन :: अंडा महीने में रिलीज नहीं होता है. 2. हार्मोन का असंतुलन :: – गर्भ को ठहरने में परेशानी 3. वजन का बढ़ जाना

    ५) PCOD में प्रेग्नेंसी का प्लान कैसे करें?
    # 1. स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएँ - डेली कसरत करें।
    - वजन को कंट्रोल में रखना।
    # 2. ओव्यूलेशन कब हो रहा है, पता करना जरूरी है। इसलिए डॉ. के सलाह ली जा सकती है। #3. दवाइयाँ तथा ट्रीटमेंट
    - कुछ केश में डॉ. ये ट्रीटमेंट से सुझाते हैं, जैसे की, - ओव्यूलेशन को इंड्यूस करने वाली दवा , इंसुलिन को कंट्रोल में करने वाली दवा, IVF.
    ६) PCOD में प्रेग्नेंसी के दौरान क्या -क्या ध्यान रखने वाली बातें है?
    - ब्लड शुगर तथा ब्लड प्रेशर को डेली मॉनिटर करें। - डेली चेकअप को कराते रहें।

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  • सिरोसिस के किस स्टेज में पीलिया होता है?|क्या सिरोसिस में पीलिया ठीक हो सकता है?|cirrhosis - piliya
    Apr 16 2026
    १) सिरोसिस में पीलिया ठीक हो सकता है?- सिरोसिस गंभीर लीवर रोग है, जिस में लीवर के कोशिका धीरे-धीरे से नष्ट होकर उनकी जगह पर फाइब्रोसिस बन जाता है। इस में लीवर सामान्य कार्य करने के क्षमता खोने लगता है।- सिरोसिस के दर्दी में पीलिया आम लक्षण है, जो तब होता है, जब रक्त में बिलीरुबिन का लेवल बढ़ जाता है। इसका उपचार गंभीरता पर निर्भर करता है।२) पीलिया क्यों होता है? सिरोसिस में?- लीवर का काम शरीर में से विषैले पदार्थों को निकालना तथा बिलीरुबिन के प्रोसेस करना होता है। - जब भी लीवर सिरोसिस के कारण क्षतिग्रस्त होता है, तो वह बिलीरुबिन को बाहर नहीं निकाल पाता है। परिणामस्वरूप, बिलीरुबिन खून में ही जमा होने लगता है, आंखों में पीला रंग भी दिखाई देता है। ३) क्या पीलिया पूरी तरह से ठीक हो सकता है?1. सिरोसिस का चरण - यदि सिरोसिस शुरुआती चरण में है, तो सही उपचार , जीवनशैली में बदलाव से लीवर कार्यक्षमता कुछ हद तक सुधर जाती है। 2. कारण का इलाज - सिरोसिस कितने ही कारणों से हो सकता है, जैसे: की, - शराब का बहुत ही अधिक सेवन करना। - हेपेटाइटिस - B या तो, हेपेटाइटिस -C का संक्रमण। यदि समय रहते ही इलाज लिया जाए, तो पीलिया में सुधार होता है। 3. उपचार डॉ. के द्वारा दी गई दवा, पोषण तथा नियमित जांच से पीलिया को कण्ट्रोल करने में मदद मिलती है४) किन स्थितियों में पीलिया गंभीर संकेत दे सकता है?-सिरोसिस में पीलिया का होना जटिलताओं का संकेत हो सकता है, जैसे: की, - लीवर फेलियर . संक्रमण , हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी। - यदि पीलिया में निम्न लक्षण दिखाई दें, तो डॉ. से संपर्क करना चाहिए: - बहुत ही कमजोरी का होना। - पेट में सूजन का हो जाना - मानसिक भ्रम जैसा लगना।५) पीलिया को कण्ट्रोल करने के लिए क्या उपाय है?- सिरोसिस में पीलिया को कण्ट्रोल करने के लिए उपाय हो सकते हैं, 1. शराब का पूर्ण रूप से त्याग करना 2. डॉ. की सलाह से संतुलित आहार का सेवन करना। 3. दवा का सही तरह से उपयोग करना 4 . संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण , साफ-सफाई का ध्यान रखें।६) क्या लीवर ट्रांसप्लांट का समाधान है?- जब भी सिरोसिस अधिक बढ़ जाता है ,लीवर भी काम करना बंद कर देता है, तब लीवर ट्रांसप्लांट ही अंतिम ऑप्शन होता है। - ट्रांसप्लांट के बाद पीलिया ठीक हो सकता है, नया लीवर सामान्य रूप से कार्य करता है।
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    3 mins
  • acute pancreatitis with peripancreatic inflammation | Acute pancreatitis treatment
    Apr 15 2026

    १) एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस कैसे होता है?
    - एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस ऐसी स्थिति है, जिस में अग्न्याशय में अचानक से सूजन आ जाती है। हमारे शरीर का महत्वपूर्ण भाग है, जो भोजन को सही से पचाने के लिए एंजाइम को बनाता है. रक्त में शुगर को कण्ट्रोल करने के लिए इंसुलिन उत्पादन करता है।
    - जब एंजाइम समय से पहले ही एक्टिव होने लग जाते हैं, तो अग्न्याशय के ऊतकों को हानि पहुंचाने लग जाते हैं। इस से सूजन, और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
    २) एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस होने के क्या लक्षण होते है?
    - इस बीमारी के लक्षण अचानक से ही दिखाई देते हैं, मुख्य लक्षण निचे अनुसार है,
    - पेट के ऊपर वाले भाग में तेज , लगातार दर्द का होना
    - यह दर्द तो, पीठ तक भी फैल सकता है.
    - पेट में भारीपन जैसा महसूस होना।
    - यदि ऐसे लक्षण हो तो, तुरंत ही, डॉक्टर से मिलना चाहिए.
    ३) एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस की जांच कैसे होती है?
    - डॉक्टर बीमारी की पुष्टि करने के लिए कुछ जरूरी टेस्ट करवाते हैं:
    - ब्लड टेस्ट :– एंजाइम लेवल जांचने के लिए
    - अल्ट्रासाउंड :– सूजन या पथरी की जांच के लिए
    - MRI :– अग्न्याशय की जांच के लिए इस से पता चल जाता है,की पैंक्रियास में सूजन है, या नहीं।
    ४) एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का इलाज
    1. अस्पताल में भर्ती करना
    - अधिकांश केस में दर्दी को हॉस्पिटल में ही भर्ती किया जाता है,यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। 2. IV फ्लूड
    - शरीर में से पानी की कमी को पूरा करने के लिए।
    3. खाने-पीने पर भी रोक होता है.
    - इलाज के शुरुआती में मरीज को खाने से रोका जाता है, जिस से अग्न्याशय को आराम मिल सके। # 4. संक्रमण - यदि संक्रमण का जोखिम हो, तो डॉ. एंटीबायोटिक्स देते हैं।
    ५) गंभीर स्थिति में क्या होता है? - सही समय पर इलाज नहीं किया जाए, तो खतरनाक रूप ले सकती है:
    - शरीर के कुछ भाग का फेल होना।
    - गंभीर संक्रमण का जोखिम६) एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस में बचाव कैसे कर सकते है?
    - बीमारी से बचने के लिए सावधानियां को अपनाएं, - शराब का सेवन नहीं करें।
    - संतुलित तथा पौष्टिक आहार को ही लें. - वजन को कण्ट्रोल में रखें।

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  • लिवर बायोप्सी क्यों की जाती है? | Liver biopsy kya hota hai
    Apr 14 2026

    लिवर बायोप्सी क्यों की जाती है? | Liver biopsy kya hota hai

    #liver #shorts #biopsy #viral #health

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